अब तक 3214 पॉजिटिव, इनमें 1761 एक्टिव केस, वाराणसी में बाहर से आए लोगों के पहचान की कवायद शुरू
कोरोनावायरस का असर पूरे देश में बढ़ता जा रहा है, इससे उत्तर प्रदेश भी अछूता नहीं है। प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 3 हजार के पार चला गया है। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के 155 नए मामले सामने आए हैं, जिससे कुल मामलों की संख्या 3214 हो गई है, जिसमें 1387 डिस्चार्ज और 66 मौतें शामिल हैं। सक्रिय मामलों की संख्या 1761 है। वहीं वाराणसी में क्लस्टर जोन बनाकर बाहर से आए हुए लोगों की पहचान करने के लिए बड़े पैमाने पर सर्वे का काम शुरू कर सभी लोगों की थर्मल स्कैनिंग की जा रही है।
वाराणसी में क्लस्टर जोन बनाकर केंटोनमेंट में स्वास्थ्य विभाग की 92 टीमों द्वारा 23 क्लस्टरों में 2595 घरों का सर्वे किया गया, ताकि बाहर से यात्रा करके आए व्यक्तियों और कोरोनावारय संक्रमण से मिलते जुलते लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान हो सके।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के आदेश के बाद कोविड-19 के पाजीटिव मरीज मिलने पर घोषित किये गये हॉट स्पाट क्षेत्रों में कार्यवाही करते हुये कान्टेक्ट ट्रेसिंग के अन्तर्गत पाजीटिव मरीज के घर के सदस्यों और उनके निकट सम्पर्क मे आने वाले व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है। क्षेत्रीय निवासियों का भी स्वास्थ्य परीक्षण, थर्मल स्कैनिंग किया गया। पाजीटिव मरीज के परिवार के सदस्यों तथा उनके निकट सम्पर्क मे आने वाले चिन्हित व्यक्तियों को होम कोरोनटाइन हेतु निर्देशित किया गया है।
आगरा में निजी चिकित्सालयों के स्टॉफ को दी जा रही ट्रेनिंग
कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए आगरा के निजी चिकित्सालयों के चिकित्सकों को इन्फेक्शन प्रिवेंटिव कंट्रोल के लिए ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। एक बार में 13 से 25 लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। सीएमओ आगरा की देखरेख में ट्रेनिंग दी जा रही है। अभी तक 250 से ज्यादा निजी चिकित्सकों की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। प्रशिक्षण में 13 चिकित्सकों शामिल हो रहे हैं।
आगरा में कोरोना के खतरे से निपटने के लिए जिन निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को ट्रेनिंग दी जा रही है वो सभी आईसोलेशन वार्ड में काम करने वाले डॉक्टरों के सहयोगी बनेंगे। ट्रेनिंग के बाद आइसोलेशन वार्ड में काम करेंगे। जितने लोग ट्रेनिंग ले रहे हैं। वह संक्रमित मरीजों की देखभाल करेंगे। उनका ट्रीटमेंट करने में सहयोग करेंगे। ट्रेनिंग के नोडल अफसर डा. पीके शर्मा बनाए गए हैं।
नोएडा में सेक्टर 137 स्थित फ्लिक्स अस्पताल सील किया गया
नोएडा के के जिला प्रशासन ने फ्लिक्स अस्पताल को सील कर दिया। चार मई को खोड़ा कॉलोनी का एक एक मरीज यहां भर्ती हुआ था जो कोविड-19 से संक्रमित था। उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस अस्पताल की एक नर्स भी कोविड-19 से संक्रमित पाई गई है।
जिला सूचना अधिकारी राकेश चौहान ने बताया कि गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी में रहने वाला 47 वर्षीय व्यक्ति चार मई को फ्लिक्स अस्पताल में भर्ती हुआ था। उसकी उपचार के दौरान उसी दिन मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में काम करने वाली एक नर्स भी कोविड-19 से संक्रमित पाई गई है। इस बात को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सेक्टर 137 स्थित उक्त अस्पताल को सील कर दिया है।
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